लागत से भी कम बोनस: विधायक डॉ. दोगने की मांग- 2700 रुपए प्रति क्विंटल हो गेहूं का दाम

लागत से भी कम बोनस: विधायक डॉ. दोगने की मांग- 2700 रुपए प्रति क्विंटल हो गेहूं का दाम

40 रुपए बोनस से किसानों को राहत नहीं, गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए किया जावे : हरदा विधायक डॉ. दोगने

हरदा / हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री एवं प्रमुख सचिव खाद्य विभाग भोपाल को पत्र प्रेषित गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है। विधायक डॉ. दोगने द्वारा प्रेषित किए गए पत्र में लेख किया गया है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों से गेहूं खरीदी पर 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है किंतु प्रदेश के किसानों की वास्तविक स्थिति और लगातार बढ़ रही कृषि लागत को देखते हुए यह पर्याप्त नही है।

आज किसान बीज, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल, बिजली एवं मजदूरी जैसी आवश्यक कृषि आदानों की लगातार बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। खेती की लागत में भारी वृद्धि होने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसी परिस्थिति में मात्र 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक है और प्रदेश के लाखों किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए गेहूं उत्पादन पर निर्भर हैं। यदि किसानों को उनकी उपज का न्यायोचित मूल्य नहीं मिलेगा तो यह उनकी आर्थिक स्थिति को और अधिक कमजोर करेगा।

किसानों की मेहनत और बढ़ती लागत को देखते हुए उन्हें उनकी उपज का उचित प्रतिफल मिलना अत्यंत आवश्यक है। इस हेतु हेलो मैं सरकार से मांग करता हूं कि प्रदेश के अन्नदाता किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए। जिससे किसानों को उनकी उपज का सम्मानजनक मूल्य मिल सके तथा प्रदेश के कृषि क्षेत्र को मजबूती प्राप्त हो सके।

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