हरदा में नई उम्मीद: जिला अस्पताल में टी1डी पीयर सपोर्ट ग्रुप कैंप से बच्चों को मिला हौसला

जिला अस्पताल हरदा में “होप टी 1 डी” पीयर सपोर्ट ग्रुप कैंप सम्पन्न

हरदा / जिला अस्पताल हरदा में शनिवार को “होप टी 1 डी” नाम से एक पीयर सपोर्ट ग्रुप कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में जिले भर से टाइप 1 मधुमेह से प्रभावित बच्चे, किशोर, वयस्क और उनके अभिभावक शामिल हुए। इस कैंप का उद्देश्य टाइप 1 मधुमेह से प्रभावित लोगों को एक मंच प्रदान करना था, जहाँ वे एक-दूसरे से बातचीत कर सकें, अपने अनुभव साझा कर सकें और इस बीमारी के प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर सकें।

इस सत्र का संचालन सुश्री ज्योत्सना रंगीन ने किया, जो पिछले 10 वर्षों से टाइप 1 मधुमेह के साथ जीवन जी रही हैं। उन्होंने टाइप 1 मधुमेह की मूल जानकारी, नियमित रूप से इंसुलिन लेने का महत्व, ब्लड शुगर की नियमित जाँच और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के बारे में बताया। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जीवन यात्रा भी साझा की और बताया कि कैसे उन्होंने चुनौतियों का सामना करते हुए आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ इस बीमारी को नियंत्रित करना सीखा। उनके अनुभव ने प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों को प्रेरित किया तथा उनकी शंकाओं का समाधान करने में मदद की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच. पी. सिंह भी इस सत्र में उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिला हरदा टाइप 1 मधुमेह से प्रभावित लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और नियमित फॉलो-अप सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। होप टी 1 डी जैसे पीयर सपोर्ट कार्यक्रम जागरूकता बढ़ाने, उपचार के प्रति नियमितता बनाए रखने और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 एनसीडी नोडल अधिकारी जिला अस्पताल हरदा डॉ. शैलेन्द्र ठाकुर ने टाइप 1 मधुमेह के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के प्रभावी प्रबंधन के लिए समय पर निदान, नियमित फॉलो-अप और निरंतर परामर्श बहुत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समुदाय में जागरूकता बढ़ाना और टाइप 1 मधुमेह से प्रभावित लोगों के लिए सहयोग प्रणाली को मजबूत करना कार्यक्रम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश अहिरवार ने भी सत्र में भाग लिया और प्रतिभागियों एवं उनके अभिभावकों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि नियमित इंसुलिन उपचार, ब्लड शुगर की जाँच और उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन के साथ टाइप 1 मधुमेह से प्रभावित बच्चे और युवा स्वस्थ, सक्रिय और सामान्य जीवन जी सकते हैं। इस कैंप में सभी आयु वर्ग के टाइप 1 मधुमेह से प्रभावित लोग शामिल हुए, जिनमें छोटे बच्चे, किशोर और वयस्क शामिल थे। इस पहल से प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा, आपसी सहयोग को बढ़ावा मिला और बीमारी के दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए सामुदायिक समर्थन को मजबूत करने में मदद मिली।

जिला अस्पताल हरदा में टाइप 1 मधुमेह के लिए एक विशेष साप्ताहिक क्लिनिक भी संचालित किया जा रहा है, जो प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होता है। इस क्लिनिक में प्रशिक्षित डॉक्टर परामर्श, मार्गदर्शन और नियमित फॉलो-अप सेवाएँ प्रदान करते हैं। पंजीकृत लाभार्थियों को निःशुल्क इंसुलिन और आवश्यक मधुमेह से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। टाइप 1 मधुमेह से प्रभावित व्यक्ति या उनके परिवारजन इस क्लिनिक में आकर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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